उन्होंने देख लिया था जिस हाल में मैं बेगुनाह हूं सुबूत देना मुश्किल था उनको किस तरह समझाए वह सिर्फ एक भ्रम था अपने प्यार में जैसे-जैसे इजाफा करती जा रही हो जिंदगी खूबसूरत होती जा रही है न इंकार करती है न प्यार करती है अपने अदाओं से मेरा कत्ल सरेआम करती है थककर रुक गया हूं अब और चल नहीं सकता हकीकत मालूम हो चुका है उस खाई में जानबूझकर गिर नहीं सकता सफाई देकर हकीकत पर पर्दा डाल देने की तुम्हारी कला अच्छी है
मैं इंतजार में था वह चाहत के सिलसिले को आगे बढ़ाएंगे मगर उनकी तरफ से कोई इशारा नहीं मिला जब किस्मत बदलने लगती है गमों को दूर जाते हुए देखकर आंखों से खुशी के आंसू निकलना वाजिब है तुम्हारे प्यार की गफलत में जिंदगी बर्बाद हो गई हर ख्वाब टूटकर बिखर गए तुम्हें पाने की चाहत आज भी है हालात ऐसे हैं कुछ कर पाना संभव नहीं है मैं मानता हूं थोड़ी दूरियां है प्यार में कमी आए यह हो नहीं सकता