मैं इंतजार में था वह चाहत के सिलसिले को आगे बढ़ाएंगे मगर उनकी तरफ से कोई इशारा नहीं मिला जब किस्मत बदलने लगती है गमों को दूर जाते हुए देखकर आंखों से खुशी के आंसू निकलना वाजिब है तुम्हारे प्यार की गफलत में जिंदगी बर्बाद हो गई हर ख्वाब टूटकर बिखर गए तुम्हें पाने की चाहत आज भी है हालात ऐसे हैं कुछ कर पाना संभव नहीं है मैं मानता हूं थोड़ी दूरियां है प्यार में कमी आए यह हो नहीं सकता
Hindi shayari sangrah manoj kumar